जब भी मुझे प्रेम हुआ
मैंने खुद को कर लिया अलग
अपने आप से,
बहने के लिए-
बरसने के लिए-
या कहें कि मिटने के लिए,
दरअसल यह कोशिश होती
खुद को हर बार बचाने की ,
क्योंकि प्रेम के आखिरी
पड़ाव से ही शुरुआत होती है
अपने आप की //
मैंने खुद को कर लिया अलग
अपने आप से,
बहने के लिए-
बरसने के लिए-
या कहें कि मिटने के लिए,
दरअसल यह कोशिश होती
खुद को हर बार बचाने की ,
क्योंकि प्रेम के आखिरी
पड़ाव से ही शुरुआत होती है
अपने आप की //
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