मैं फिर चलूँगा
जब तुम दोगे मुझे आखिरी आवाज़
मैं फिर उठूंगा
जब तुम लगा दोगे आखिरी ताकत
मैं फिर बुनुगा सपने
जब तुम फेरोगे आखिरी हाथ
मैं फिर मुस्कुराऊंगा
जब तुम कहोगे आखिरी शब्द
मैं फिर जीऊँगा
जब तुम ज़िद्द करोगे
तमाम मुश्किलों में भी
हवाओं को अपनी रगो में
कैद करने के लिए......//
जब तुम दोगे मुझे आखिरी आवाज़
मैं फिर उठूंगा
जब तुम लगा दोगे आखिरी ताकत
मैं फिर बुनुगा सपने
जब तुम फेरोगे आखिरी हाथ
मैं फिर मुस्कुराऊंगा
जब तुम कहोगे आखिरी शब्द
मैं फिर जीऊँगा
जब तुम ज़िद्द करोगे
तमाम मुश्किलों में भी
हवाओं को अपनी रगो में
कैद करने के लिए......//
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