मैंने ख्वाबों के बहुत से
सौदे किये हैं अब तक ,
जब बचपन में चौक से गुजरता
तो गुब्बारे वाला मुझसे करता था सौदा,
और ख्वाबों की कड़ी दोपहर में तो,
न जाने कितने दिल रोज़ करते थे सौदा,
आज जब ख्वाबों ने मुझसे
सौदा करना छोड़ दिया है
या कहूं कि वो अब आते नहीं ।
तो सोचता हूँ कि अब ख्वाब
बचे नहीं या कि मैंने सारे सौदे कर लिए ? ......
मालूम करने निकला तो
लगा कि ख्वाबों में तो.... था मैं ,
तो सौदा किसका ?
क्योंकि उस गुब्बारेवाले के
बिक गए हैं सारे गुब्बारे , और
अब ख्वाबों में कड़ी दोपहर नहीं होती //////
सौदे किये हैं अब तक ,
जब बचपन में चौक से गुजरता
तो गुब्बारे वाला मुझसे करता था सौदा,
और ख्वाबों की कड़ी दोपहर में तो,
न जाने कितने दिल रोज़ करते थे सौदा,
आज जब ख्वाबों ने मुझसे
सौदा करना छोड़ दिया है
या कहूं कि वो अब आते नहीं ।
तो सोचता हूँ कि अब ख्वाब
बचे नहीं या कि मैंने सारे सौदे कर लिए ? ......
मालूम करने निकला तो
लगा कि ख्वाबों में तो.... था मैं ,
तो सौदा किसका ?
क्योंकि उस गुब्बारेवाले के
बिक गए हैं सारे गुब्बारे , और
अब ख्वाबों में कड़ी दोपहर नहीं होती //////
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