आँखें खुल कर बंद हुई जो
ऐसा लगा की शुरू हुआ और ख़त्म हुआ
जीवन का सफ़र तन्हा शुरू
होकर तन्हा ही ख़त्म हुआ/
बचपन में इसकी रंगरेलिया समझ न,
सिर्फ देख सका
नव यौंवन में समझ सका
घट-घट जब पार हुए , नीरस ,
पर नव जीवन के इस
पनघट की शाम को समझना
शुरू किया और ख़त्म हुआ/
रोज़ सुबह आते है इन गलियों
पर मिट्टी के पुतले निर्जीव
और साथ में होते चार पुतले सजीव
जो कोशिश कर उसे उठाते
राम सत्य का जाप लगाते
प्रण कर आये हो लगता की
उसे सत्य बनाने को
पर, अग्नि को सौप उन्हें लगता
कि शुरू हुआ और ख़त्म हुआ/
जीवन के काल चक्र का
नर्तन भी सब एक सा है
सुबह की नन्ही परियों सी
कोमलता की गुटकी सी
तन-मन में जीवन प्रवाह सी, लगती ,
धीरे-धीरे जब दिन चढ़ जाता
यौवन भी फल-फूल है जाता
रक्त उष्ण हुए लगता है
पर,द्वितीय पहर ही दिन
जब थोडा ढल जाता ,
जीवन, अर्ध पर्व सुधाकर
के जीवन से कहलाता
रात्रि का रूप जब उभरने होता
जीवन का जग मोहन रूप अब
नीरस सा लगने लगता
रात्रि के हर सन्नाटे में
वायु के हर परत के
घर्षण कि आवाज से
जीवन भी सत्य होकर
काल-गाल से शुरू हुआ
और ख़त्म हुआ सा लगता है /
ऐसा लगा की शुरू हुआ और ख़त्म हुआ
जीवन का सफ़र तन्हा शुरू
होकर तन्हा ही ख़त्म हुआ/
बचपन में इसकी रंगरेलिया समझ न,
सिर्फ देख सका
नव यौंवन में समझ सका
घट-घट जब पार हुए , नीरस ,
पर नव जीवन के इस
पनघट की शाम को समझना
शुरू किया और ख़त्म हुआ/
रोज़ सुबह आते है इन गलियों
पर मिट्टी के पुतले निर्जीव
और साथ में होते चार पुतले सजीव
जो कोशिश कर उसे उठाते
राम सत्य का जाप लगाते
प्रण कर आये हो लगता की
उसे सत्य बनाने को
पर, अग्नि को सौप उन्हें लगता
कि शुरू हुआ और ख़त्म हुआ/
जीवन के काल चक्र का
नर्तन भी सब एक सा है
सुबह की नन्ही परियों सी
कोमलता की गुटकी सी
तन-मन में जीवन प्रवाह सी, लगती ,
धीरे-धीरे जब दिन चढ़ जाता
यौवन भी फल-फूल है जाता
रक्त उष्ण हुए लगता है
पर,द्वितीय पहर ही दिन
जब थोडा ढल जाता ,
जीवन, अर्ध पर्व सुधाकर
के जीवन से कहलाता
रात्रि का रूप जब उभरने होता
जीवन का जग मोहन रूप अब
नीरस सा लगने लगता
रात्रि के हर सन्नाटे में
वायु के हर परत के
घर्षण कि आवाज से
जीवन भी सत्य होकर
काल-गाल से शुरू हुआ
और ख़त्म हुआ सा लगता है /
achchha likhte hai ap...AUR trkke ho ap aise hi achchha likhte rhe.........badhaii apko
जवाब देंहटाएंaap aise hi padhte raho hum aise hi likhte rahenge :)
हटाएंhmmmmmmmmmmmm..........
जवाब देंहटाएंab aapke hmmmmmm me sukoon kya khoje ...
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