शुक्रवार, 18 मई 2012

पहचान का प्रश्न



तू सब्र है मेरा
तू इम्तहा है मेरा
ऐ दिल तू बता भी दे
तू क्या है मेरा ////
तू दर्द भी है
तू दवा भी है
तू लहर भी है
तू है साहिल भी
तू कशमोकश है रातों की
तू निंदिया भी है राहतों की .
कैसी है ये बेखुदी तेरी
न चाहे भी तू धडकता है
ऐ मेरे नादा दिल
क्यों तू रह-रह के बरसता है ///
ऐ दिल तू बता भी दे
तू क्या है मेरा
तू सब्र है मेरा...या...तू है इम्तहा मेरा///
♥ ♥ ♥

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें