अब नहीं मैं लौट पाऊंगा कभी
क्योकि तेरी याद में
अब प्यार सा लगता नहीं
लगता है वह केवल
सपनो का खँडहर और
उनकी कुछ टूटती दीवार जर्जर
जिस पर कभी रौशनी
और अलसाई हुई कुछ दूब होती थी ///
क्योकि तेरी याद में
अब प्यार सा लगता नहीं
लगता है वह केवल
सपनो का खँडहर और
उनकी कुछ टूटती दीवार जर्जर
जिस पर कभी रौशनी
और अलसाई हुई कुछ दूब होती थी ///
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