मुझे बेतकल्लुफी से कहना न आया
जब भी कहा तो शब्दों का खिलवाड़
मात्रों का अगला पिछला करके
बना देता हूँ तेरे को मेरा और
बाइबिल से कुरआन से पुराण
बर्फ को मानचित्र पर लाल रंग
हूँ दे देता, साथ में तीसरी दुनिया को जेनोसाइड
अपराधी बनाकर हेग में कर देता हूँ खड़ा ,
अक्षरों में कुलबुलाहट होती है
मोनोलिसा की मुस्कराहट में
सतह के ऊपर बिलबिलाते रिगियाते
महाद्वीपीय मध्य का अबोध रोदन
जिसमे जीवन की श्रेष्टता की वंचना
दोनों कोरों पर आज तक जमी है ,
कहने में जब भी आया बस कहा
विमर्शों के पर्यावसान के बाज़ार में
जब भी खड़ा होता हूँ तो छूंछे हाँथ
जिससे लौटूं तो मेरे हाँथ खोखले
आदर्शों से भरे हो और मेरी आखों पर
यथार्थ का रंगीन चश्मा टंगा रहे
जिससे मैं अगली बार तुमसे मिलूं
तो तुम्हारे खोखले आदर्शों से आँखे मिला सकूँ
और तुम्हारे यथार्थ रंगीन हांथों को चूम सकूँ ///
(जिससे तुम सबको अपना
बनाने का भ्रम पाल सकूँ _) ... वित्रि
जब भी कहा तो शब्दों का खिलवाड़
मात्रों का अगला पिछला करके
बना देता हूँ तेरे को मेरा और
बाइबिल से कुरआन से पुराण
बर्फ को मानचित्र पर लाल रंग
हूँ दे देता, साथ में तीसरी दुनिया को जेनोसाइड
अपराधी बनाकर हेग में कर देता हूँ खड़ा ,
अक्षरों में कुलबुलाहट होती है
मोनोलिसा की मुस्कराहट में
सतह के ऊपर बिलबिलाते रिगियाते
महाद्वीपीय मध्य का अबोध रोदन
जिसमे जीवन की श्रेष्टता की वंचना
दोनों कोरों पर आज तक जमी है ,
कहने में जब भी आया बस कहा
विमर्शों के पर्यावसान के बाज़ार में
जब भी खड़ा होता हूँ तो छूंछे हाँथ
जिससे लौटूं तो मेरे हाँथ खोखले
आदर्शों से भरे हो और मेरी आखों पर
यथार्थ का रंगीन चश्मा टंगा रहे
जिससे मैं अगली बार तुमसे मिलूं
तो तुम्हारे खोखले आदर्शों से आँखे मिला सकूँ
और तुम्हारे यथार्थ रंगीन हांथों को चूम सकूँ ///
(जिससे तुम सबको अपना
बनाने का भ्रम पाल सकूँ _) ... वित्रि